शनिवार, 25 अक्टूबर 2025

Parenting in digital age

 

शनिवार, 5 अप्रैल 2025

कविता

" अनकहे लफ्ज़"

कुछ अनकहे लफ्ज़ जो कह ना पाएंगें,

जो अंतर्मन में है छिपा,

उसे कैसे किसी को बताएंगे,

सिर्फ अपना ही नहीं तेरे खबावो का,

बसेरा कैसे सजाएंगे,

द्वंद हृदय की किसको बतलाएंगे,

काश! लम्हा लौटा दे वो यौवन मेरा,

जहां से शुरू हुआ जीवन नया,

हैं खबर सपनों में नहीं,

हकीकत में जीए जाते हैं जिंदगी,

जिसको रचियता ने रची होती है बखूबी,

ना चाह कर भी चाहना,

जाने क्यों बना इस दिल का ठिकाना,

बेजार था अच्छा था,

कम से कम इंतजार में ना मरता था,

ना तो प्यार किसी से करता था।


अनुभूति: प्यार का एक एहसास

 


अनुभूति: प्यार का एक एहसास

कहते हैं बिना प्यार के एक इंसान के दिल को समझ पाना या   महसुस कर पाना …अत्यंत कठिन होता है !जब तक हृदय के तार एक दूसरे के विचार से मिलते नहीं है ,तब तक युगल का जीवन व्यर्थ ही लगता है !ऐसे तो भारत में बहुत से जोडे हुए हैं ऐसे हैं जिनके विवाह के बाद ही उनके हृदय के तार जुड़ते हैं भारत का इतिहास भी इस बात का गवाह है,जिन प्रेमियों का विवाह हुआ है, उन्होंने ही विश्व पर अधिकार प्राप्त किया है!

उद्धारण :शिव और पार्वती:

आओ कुछ पहलुओं को देखते हैं...

एहसास- यह एक शब्द मात्र ही नहीं होता है। यह जरूरी नहीं होता की आप प्यार की अभिव्यक्ति शब्दों से ही करें, कभी-कभी यह आपके अंदर की भावना को बाहर की तरफ प्रकाशित करता है। एक-दूसरे की आखों में भी इसकी झलक साफ़ दिखती है। 

कभी-कभी आप साथ रहकर भी बहुत अजनबी से रहते हैं, हालांकि अगर सृष्टि मे दो लोगों का मिलना तय है , तो आप मिलते ही हो।


आत्म मिलन-  प्रेम का मतलब यह नही होता कि आपका शारीरिक मिलन ही हो, प्रेम दो भावनाओं का मिलन है ,दो विचारों का मिलन है, जहां प्रेम है वहां आपको कुछ ना ज़रूरत महसूस होती है, प्रेम का मतलब है कि आपका संबंध जो की निस्वार्थ होता है, और ऐसा प्रेम राधा कृष्णा में ही संभव था, आज के भौतिक युग में इसकी पूरी परिभाषा बदल गई है। आज प्रेम नहीं व्यापार बन गया है। 

स्वप्न - जब आप प्रेम में होते हो तो सारी दुनियां आपको हसीन दिखती है, आप अंदर से प्रफुल्लित रहते हो, वह खुशी आपके चेहरे पर झलकती है, आप लाख छुपाओ उस चीज को लेकिन वह हर जगह दिखती है, यह दुनिया इतनी हसीन दिखती है मानो आप स्वप्न नगरी में हो। हर असंभव चीज ऐसा लगता है जैसे पल में आपके बस में है।

जब आप प्रेम में होते हो तब गलत भी सही लगता है, यानी कि हर समस्या से लडने की हिम्मत होती है, सबसे बड़ी बात यह है कि प्रेम कभी आपको अकेला नहीं छोड़ता,हर कठिन रास्तों में वह आपका हाथ थाम कर रखता है। 

वह आपको गिरकर सम्भलने की जज़्बा पैदा करता है। प्रेम कभी आपको बांधता नहीं वह सहारा बनता है, आपके सपनों को पंख देता है, ताकि वे उड़ सके,वह हर संभव कोशिश करता है कि आपका मनोबल बना रहे।

बंधन - प्रेम स्नेह का रुप है, सच्चा प्रेम पुजा है जिस तरह देवता की प्रार्थना करते हैं वैसे ही हम प्रेम की पुजा करते हैं, जिस तरह से आप अपने भगवान को संभालते हो और हर एक वह कार्य करते हुए जिससे भगवान प्रसन्न रहे तो उसी तरह हम अपने प्रेम के लिए करते हैं।

आज के युग में सच्चा प्रेम मिलना भाग्य की बात है। प्रेम में इतनी ताकत होती है कि वह आपको आपकी इष्ट देव से मिला देता है।

यहां ऐसा कोई बंधन नहीं होता ,जिसको आप महसूस करें कि आपको किसी ने कैद कर लिया है, क्योंकि कैद प्यार में किया जाता है ना कि आपको बांध कर।

अगर आपको सच्चा प्रेम है तो आप अपने प्रेम की हर कामना को पुरी करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसके लिए आप प्रेम में होने चाहिए। दो हृदय जब तक एक साथ नहीं धड़कते तब तक यह असंभव दिखता है। हृदयों का मिलन सिर्फ प्रेम ही महसूस करता है ।

प्रेम में कभी अहम नहीं होता,वह आपकी ढाल होता है,आपका अटुट विश्वास होता है, प्रेम की एक खासियत यह भी होती है कि वह आपको स्वयं से दूर नहीं जाने देता है, यदि आपका प्रेम सच्चा है तो ईष्र्या भी होती है लेकिन खुलें मन से वे इसको एक-दूसरे को जताते हैं।

कभी कभी यह नहीं भी होती है तो वहां प्रेम नहीं है यह सोचना ग़लत है क्योंकि वहां प्रेम में अनन्त विश्वास होता है।यह स्वार्थ से ऊपर होता है। यदि किसी व्यक्ति को ऐसा प्रेम मिलें तो उसे सम्भाल कर रखना चाहिए। क्योंकि ऐसा प्रेम सिर्फ भगवान को ही प्राप्त होता है।

इसमें अंतहीन शक्ति निहित होती है,जो आपको राजा से रंक और रंक से राजा बना देता है।यह निर्बल को बल और बलशाली को निर्बल बनाने की साहस रखता है।

अदम्य साहस का अद्भुत संगम है प्रेम।


इसलिए ही शायद आजतक राधा कृष्णा,शिव गौड़ा का नाम धरती पर अमर बना हुआ है।

सोमवार, 3 मार्च 2025

नारी शक्ति

 जब जब नारी ने चाहा उठ कर हिम्मत अपना 

बांधना,पुरुषों ने उसको समझाया ,

नारीत्व का नारी डर दिखलाया,

 कदम-कदम पर घाघ है कितने,

 रुपये में आग है जितने ,

सफर नहीं आसान ये इतना,

पैसे का जो दिखता नाम है जितना,

पर पुरुषों तुम संभलो जरा, नारी ही जननी धरा,

यु ही नहीं खनकती सिक्कों का नाम लक्ष्मी पड़ा,

दिन रात जो तुम खुद को घिसते हो ,दुनिया की तूफान में,

दम भरते हो आकर तुम, नारी की छांह में, 

मां बहन ,बेटी, बीवी और प्रिया बन कर देती तुमको स्नेह और दुलार वो,

मानव सृष्टि तुमसे थमी है ,लेकिन सृष्टि की जननी माता ही रही है।


रविवार, 2 मार्च 2025

English grammar 2025

 What is the subject- verb agreement? how we can define?


Introduction: 

The subject of a sentence tells about the person, place, animal or things that we are talking about. 

The subject does the action shown by the verb. 

1.If the sentences singular it takes singular verb if the sentence is plural it takes plural verb.

2. The form of the verb also needs to be modify according to the person of the subject.

Examples:

They are ploughing their field.

Here, the subject" They" is plural and the verb "are" according to the subject.

Stuti eats pizza. 

Here "Stuti "is singular noun and verb "eats" is also in  singular form with the S or Es.

Always remember it,the verb is always play the role according to the tenses.

2. Rules.(A)

* Two or more subjects are connected by " and" we use the "verb" plural form .

Example: 

Rohan and his friend play cricket.


Yah Radha and his friend is two subjects, also it's connected with the and so we use the plural verb. 

3. Rule (b)

A collective noun takes a singular verb. Nouns like "a pair of jeans" "a pair of scissors "etc are taken as singular and take a singular verb.

Example: 

The crew was arrested.

Here crew is collective noun.

A pair of shoes is laying there.

Here "a pair of shoes "is in plural form but we use the singular verb.

4. Rule (c)

Command subjects , and subjects name to be plural but we use singular verb.

Example: 

Politics is a dirty game.

Slow and steady wins the race. 

Indefinite pronounce everyone ,each ,someone,either... or ,neither ...nor ,nor only ....but also ,there,here... Here we apply the verb with the later subjects.

Practices 

Pick the correct verbs to complete the sentences.

1. Jaspreet and Anand (is/ are/am)in the school football team.

2. My mother works in a bank .She( is /am/ are) the cashier.

3. I (is/am/are) fond of music.

4. The library books (is/ are /am) on the table.

4. Check understanding 

Encourage a students to identify and correct subject verb agreement error and sentence.










शनिवार, 1 मार्च 2025

षडयंत्र 2025

षडयंत्र



हर षडयंत्र में अपने शामिल होते हैं,
चक्रव्यू जो रचे जाते हैं, 
खेल तमाशा और वह अभिलाषा,
 वक्त की बदलती परिभाषा, 
कांसे की मूरत और बादल जाती है सूरत, 
ना अभिमन्यु हारा ना उसे किसी ने मारा,
 नियति उसकी यही तय है,
जिसमें गति बनी हुई थी,
रावण युद्ध में हारा था,
क्योंकि उसने सीता को ललकारा था,
प्रेयसी राधा सदा राही अकेली ,
क्योंकि उसे मोहन प्यारा था,
बालशाली धनुर्धारी विलक्षण शक्ति गीता का वाह रचयिता था,
लेकिन कृष्णा ने कब लिया चक्र का सहारा था,
सब बातों का एक ही तात्पर्य है निर्धारित, 
विधि न काट पाया कोई ,
हनुमान ने लंका ज जारा था, 
विभीषण भेदिया सारा था,
करम के रास्ते चलते जाओ,
पर्याप्त शक्ति पर मत इतराओ,
बलदाता स्वयं हरि है,
क्योंकि 

शिव से ही पूरी दुनिया खड़ी है!

Guide: दुबई-खाड़ी की फ्लाइट्स हुई कैंसिल? घर बैठे ऐसे पाएं 'फुल रिफंड' और फ्री री-बुकिंग; ये है आसान तरीका

  Guide: दुबई-खाड़ी की फ्लाइट्स हुई कैंसिल? घर बैठे ऐसे पाएं 'फुल रिफंड' और फ्री री-बुकिंग; ये है आसान तरीका         AI IMAGE FOR CA...